सौतेला पिता।
इस ब्लॉग में तो आज का आर्टिकल है एक सौतेले पिता की कहानी जो कि एक सच्ची कहानी है रिया की जो कि दिल्ली की रहने वाली है। तो चलिए शुरू करते हैं। सौतेला पिता । रिया शि -क्षक कर रो रही थी। आस पास कोई भी नहीं था आज उसके पिता की वर्षी थी आज पिछले साल कि आज के दिन उसके पिता की कार एक्सीडेंट पर मौत हो चुकी थी। कार एक्सीडेंट के कारण उसके पिता की लीवर पर असर पड़ा था और लीवर को ट्रांसपेरेंट करने के बाद भी उसके पिता मौत से जीत नहीं पाए और वह मर गए। उसकी मां रेलवे में नौकरी करती थी और उसके पिता का कपड़ों का कारोबार था। घर में आर्थिक परेशानियों नहीं थी लेकिन अपने पिता की मौत वह भुला नहीं पा रही थी। अचानक उसे ऐसा लगा कि कोई उसकी पीठ पर हाथ लगा रहा है और उसे जब वह के दिखा तो वह सुरेश अंकल थे। सुरेश अंकल उसकी मां के ऑफिस में काम करते थे और अक्सर उनके घर आया करते थे। रिया को उसकी मां का सुरेश से बोलना अच्छा नहीं लगता था लेकिन अपनी मां का मायूस चेहरा और ...