College promotion news कॉलेज में जरनल प्रोमोशन

 क्या कॉलेज के बच्चों को प्रमोट कर देना चाहिए
हेल्लो दोस्तो मेरा नाम राकेश अरोड़ा और आज मैं आपसे बात करने जा रहा हूं एक चर्चा वाले विषय पर कि क्या कॉलेज के बच्चों को प्रमोट कर देना चाहिए। लेकिन टॉपिक स्टार्ट करने से पहले अगर आपने हमारे शॉकिंग न्यूज़ ब्लॉक को सब्सक्राइब नहीं किया है तो सब  करें ले। और अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगे तो शेयर करें फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम और इंटरेस्ट में और ट्विटर पर।
बिना किसी देरी के  तो  शुरू करते हैं।


आज जहां पूरे देश में लॉक डाउन की वजह से सब लोग पीड़ित हैं भारत की बात करें जहां रोज  केस बढ़ रहे हैं। वहीं इसकी स्थिति को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया कि बच्चों और

कॉलेज पढ़ने वाले छात्र छात्राओं की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी।लेकिन कहते हैं ना जैसा दिखता है वैसा होता नहीं होता है।
कॉलेज और स्कूल के टीचरों से कहा गया कि आप ऑनलाइन क्लास ले ताक बच्चा घर में पढ़ सके अब पहले बात करते हैं स्कूल के टीचरों की स्कूल की टीचर बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज तो दे रहे हैं ।लेकिन बच्चों के समझ में नहीं आ रहा है और जो उनके डाउट है वो टीचर क्लियर नहीं कर पा रहा है।
ऑनलाइन क्लासेज में बहुत ही ज्यादा मात्रा में बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे क्योंकि जो बच्चे जब क्लासेस में नहीं पढ़ते थे तो वह ऑनलाइन क्या पढ़ेंगे।
एक रिपोर्ट के अनुसार 80 परसेंट बच्चों का मन इंटरनेट पर ऑनलाइन पढ़ने में नहीं लगता है क्योंकि आप अकेले बैठकर घंटों तक नहीं पढ़ सकते यह तो रही स्कूल की बात।

अब बात करते हैं यूनिवर्सिटी या कॉलेज की  । बता दे आपको यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन एग्जाम को लेकर बवाल खड़ा था इसमें ज्यादा ज्यादा कर गवर्नमेंट कॉलेजेस के हैं जहां बच्चों की शिकायत है कि ऑनलाइन  क्लास के नाम पर बच्चों को पागल बनाया जा रहा है । यूनिवर्सिटी के टीचर ऑनलाइन क्लास के नाम पर पीडीए सेंड कर रहे हैं।
जिस छात्र टीचर द्वारा भेजी पीडीएफ को पढ़ नहीं रहा है और यह सोच रहा है कि जो पीडीएफ टीचर द्वारा हम को दी जा रही है वह हम खुद भी नेट से डाउनलोड कर सकते हैं या अपनी बुक से पढ़ सकते हैं।

अब स वाल यह खड़ा होता है कि छात्र और छात्र हंगामा क्यों मचा रहे हैं।



तो बात दरअसल ऐसी है की गांव के छात्रा जो शहर आते हैं पढ़ने लेकिन इस लोकडाउनि के चलते छात्रों को अपने गांव जाना पड़ा। और जो कॉलेज में ऑनलाइन क्लासेस हो रही है वह गांव के छात्र-छात्राएं कैसे अटेंड कर सकती हैं। क्योंकि गांव में बिक सिग्नल होते हैं जिसके कारण इंटरनेट नहीं चलता है।

और कुछ छात्र छात्राएं ऐसी भी हैं जिनके पास कीपैड फोन है तो वह कैसे अटेंड करेंगे ऑनलाइन क्लासेस।  
अलग-अलग शहरों से बच्चों का कहना है ।
की उन्हें टीचर द्वारादिया गया पीडीएफ समझ में भी नहीं आ रहा है और ऑनलाइन क्लासेस भी नहीं करवाई जा रही हैं। और यूनिवर्सिटी के टीचर लोग कह रहे हैं कि उन्होंने पूरा कोर्स कंप्लीट करा दिया है जबकि यह झूठ है।

जिसके कारण छात्र-छात्राएं चाहती हैं कि उन्हें प्रमोट कर दिया जाए बिना एग्जाम दिए। या फिर कोई दूसरा रास्ता निकाला जाए जिससे बच्चे टीचर द्वारा पढ़ सकते हैं।
और जैसा भारत का एजुकेशन सिस्टम है जिसकी पहले से ही बहुत बुरी हालत है और ऐसे में जब छात्र द्वारा टीचर का पढ़ाया हुआ समझ में नहीं आ रहा है ।और ऑनलाइन क्लास के नाम पर बच्चों को पीडीएफ भेजी जा रही है जिससे छात्र-छात्राओं में हंगामा जैसा माहौल और चिंता बढ़ गई ।
और अब छात्र छात्राओं ने एक नोटिस जारी करा है। और वह नोटिस वह सीधे शिक्षा मंत्री को ट्विटर पर टैग कर रहे हैं ।

और इस घमासान हंगामे को देखते हुए छात्र और छात्राओं के सपोर्ट में छात्र नेता भी आ चुके हैं। और उनका भी मानना यही है कि छात्रों को इस साल प्रमोद कर दिया जाना चाहिए जो फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के है।


और आप यह सरकार के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है अब देखते हैं सरकार इसका कैसे हल निकालते हैं।
धन्यवाद।
जय हिंद जय भारत।

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